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Daqiiq Jabaali
baat ik dil ki dil men dabii rah gaius ke honthon pe bas KHaamushi rah gaii
baat ik dil ki dil men dabii rah gaius ke honthon pe bas KHaamushi rah gaii | बात इक दिल की दिल में दबी रह गई
- Daqiiq Jabaali
बात
इक
दिल
की
दिल
में
दबी
रह
गई
उस
के
होंठों
पे
बस
ख़ामुशी
रह
गई
ले
गया
उसको
आख़िर
कोई
नाखलफ़
मेरे
हिस्से
में
बस
शा'इरी
रह
गई
झूठ
बाज़ार
में
आके
बिक
भी
गया
सच
की
क़ीमत
लगी
की
लगी
रह
गई
फूल
सारे
ही
कोई
चुरा
ले
गया
तितलियाँ
सारी
बेबस
खड़ी
रह
गई
क्या
बताऊ
कि
वो
मेरी
क्या
लगती
थी
इक
परी
जो
मुझे
देखती
रह
गई
- Daqiiq Jabaali
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अपने
होंटों
से
कहो
फूल
को
चू
में
हर
रोज़
जब
मेरे
लब
नहीं
होंगे
तो
सहूलत
होगी
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Shahbaz Rizvi
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मेरे
नादाँ
दिल
उदासी
कोई
अच्छी
शय
नहीं
देख
सूखे
फूल
पर
आती
नहीं
हैं
तितलियाँ
Deepak Vikal
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जिन
से
उठता
नहीं
कली
का
बोझ
उन
के
कंधों
पे
ज़िन्दगी
का
बोझ
वक़्त
जब
हाथ
में
नहीं
रहता
किस
लिए
हाथ
पर
घड़ी
का
बोझ
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Vikram Sharma
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वक़्त
ही
कम
था
फ़ैसले
के
लिए
वर्ना
मैं
आता
मशवरे
के
लिए
तुम
को
अच्छे
लगे
तो
तुम
रख
लो
फूल
तोड़े
थे
बेचने
के
लिए
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Zia Mazkoor
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किस
काम
के
वो
फूल
जो
सबने
दिए
मुझे
बेहतर
है
तेरे
हाथ
का
ख़ंजर
लगे
मुझे
Vikram Sharma
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फोन
भी
आया
तो
शिकवे
के
लिए
फूल
भी
भेजा
तो
मुरझाया
हुआ
रास्ते
की
मुश्किलें
तो
जान
लूँ
आता
होगा
उसका
ठुकराया
हुआ
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Balmohan Pandey
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उम्र
गुज़री
है
माँजते
ख़ुद
को
साफ़
हैं
पर
चमक
नहीं
पाए
डाल
ने
फूल
की
तरह
पाला
ख़ार
थे
ना
महक
नहीं
पाए
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Vishal Bagh
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आदतन
उसके
लिए
फूल
ख़रीदे
वरना
नहीं
मालूम
वो
इस
बार
यहाँ
है
कि
नहीं
Abbas Tabish
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गिरेगी
कौन
सी
छत
पे
ये
कब
किसे
मालूम
कटी
पतंग
हवाओं
के
इम्तिहान
में
है
Ghani Ejaz
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निगाह-ए-शोख़
का
क़ैदी
नहीं
है
कौन
यहाँ
किसे
तमन्ना
नहीं
फूल
चूमने
को
मिले
Aks samastipuri
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गर
तुम्हारे
साथ
रह
कर
कोई
औरत
चुप
है
तो
फिर
ये
समझ
जाना
मियाँ
तुम
कबका
उसको
खो
चुके
हो
Daqiiq Jabaali
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देर
तक
फिर
मैं
सुकूँ
की
नींद
सोता
काश
तुमने
हाथ
मेरा
थामा
होता
मैं
तुझे
फिर
अपनी
ग़ज़लों
में
पिरोता
काश
तुझको
बस
अमित
से
इश्क़
होता
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Daqiiq Jabaali
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क्यूँ
छोड़कर
गया
तू
मुझे
ऐसे
हाल
में
क्या
एक
बार
भी
तुझे
ग़ैरत
नहीं
हुई
Daqiiq Jabaali
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ये
ही
मेरा
मिज़ाज
है
कोई
अना
नहीं
जब
तक
न
हो
ग़रज़
मेरी
मैं
बोलता
नहीं
Daqiiq Jabaali
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न
जाने
ग़लती
वो
क्या
थी
कि
हम
सेे
हो
गया
वो
दूर
अकेले
बैठ
अक्सर
हम
यही
सोचा
याँ
करते
हैं
Daqiiq Jabaali
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