hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Daqiiq Jabaali
gar tumhaare saath rah kar koi aurat chup hai to phir
gar tumhaare saath rah kar koi aurat chup hai to phir | गर तुम्हारे साथ रह कर कोई औरत चुप है तो फिर
- Daqiiq Jabaali
गर
तुम्हारे
साथ
रह
कर
कोई
औरत
चुप
है
तो
फिर
ये
समझ
जाना
मियाँ
तुम
कबका
उसको
खो
चुके
हो
- Daqiiq Jabaali
Download Sher Image
चुप
रहते
हैं
चुप
रहने
दो
राज़
बताओ
खोले
क्या
बात
वफ़ा
की
तुम
करती
हो
बोलो
हम
कुछ
बोले
क्या
उल्फ़त
तो
अफ़साना
है
तुम
करती
खूब
सियासत
हो
हम
भी
हैं
मक़बूल
बहुत
अब
बोल
किसी
के
होलें
क्या
Read Full
Anand Raj Singh
Send
Download Image
76 Likes
फिर
ख़मोशी
ने
साज़
छेड़ा
है
फिर
ख़यालात
ने
ली
अँगड़ाई
Javed Akhtar
Send
Download Image
28 Likes
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
ख़ामोशी
वो
भी
इतनी
मेरे
उसके
दरमियाँ
इस
दिल
के
टूटने
की
सदा
आ
गई
उसे
NISHKARSH AGGARWAL
Send
Download Image
1 Like
चुप-चाप
अपनी
आग
में
जलते
रहो
'फ़राज़'
दुनिया
तो
अर्ज़-ए-हाल
से
बे-आबरू
करे
Ahmad Faraz
Send
Download Image
32 Likes
क़स
में,
वादे,
दरवाज़े
तो
ठीक
हैं
पर
ख़ामोशी
को
तोड़
नहीं
सकता
हूँ
मैं
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
69 Likes
मेरे
होंटों
पे
ख़ामुशी
है
बहुत
इन
गुलाबों
पे
तितलियाँ
रख
दे
Shakeel Azmi
Send
Download Image
28 Likes
तनक़ीद
न
तक़रार
बड़ी
देर
से
चुप
हैं
हैरत
है
मेरे
यार
बड़ी
देर
से
चुप
हैं
गूँगों
को
तकल्लुक़
के
मवाक़े
हैं
मुयस्सर
हम
माहिर-ए-गुफ़्तार
बड़ी
देर
से
चुप
हैं
Read Full
Ahmad Abdullah
Send
Download Image
32 Likes
तेरे
चुप
रहने
से
हर
पौधा
सूख
गया
है
तुझको
मालूम
नहीं
पौधों
का
पानी
है
तू
Kabir Altamash
Send
Download Image
2 Likes
हर
एक
बात
को
चुप-चाप
क्यूँँ
सुना
जाए
कभी
तो
हौसला
कर
के
'नहीं'
कहा
जाए
Nida Fazli
Send
Download Image
54 Likes
Read More
ये
ऐसा
है
वो
वैसा
है
अब
इस
से
तुम
को
क्या
लेना
या
तो
सब
सेे
मतलब
रक्खो
या
बस
हम
सेे
मतलब
रक्खो
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
1 Like
बुरे
के
सामने
अच्छे
से
अच्छा
हार
जाता
है
कई
झूठे
इकट्टे
हों
तो
सच्चा
हार
जाता
है
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
3 Likes
हँसते
नइँ
खुलके
रोते
नइँ
खुलके
दोस्त
पत्थर
के
बन
गए
हम
लोग
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
1 Like
आजकल
कम
उदास
रहते
हैं
हाँ
मगर
हम
उदास
रहते
हैं
कोई
ग़लती
नहीं
तेरी
इस
में
हम
तो
हरदम
उदास
रहते
हैं
Read Full
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
1 Like
ये
मेरा
चेहरा
तो
फिर
भी
हँस
ही
लेता
है
मगर
मेरे
दिल
को
मुस्कुराये
तो
ज़माना
हो
गया
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Pollution Shayari
Khwab Shayari
Rishta Shayari
Dost Shayari
Ijazat Shayari