hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Amit Kumar
pahle dekho tum matmailee jad ko jaake
pahle dekho tum matmailee jad ko jaake | पहले देखो तुम मटमैली जड़ को जाके
- Amit Kumar
पहले
देखो
तुम
मटमैली
जड़
को
जाके
फिर
गर
चाहो
तो
सारे
गुलाब
देखो
- Amit Kumar
Download Sher Image
पहले
उसकी
ख़ुशबू
मैंने
ख़ुद
पर
तारी
की
फिर
मैंने
उस
फूल
से
मिलने
की
तैयारी
की
इतना
दुख
था
मुझको
तेरे
लौट
के
जाने
का
मैंने
घर
के
दरवाजों
से
भी
मुँह
मारी
की
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
111 Likes
दिल
की
चोटों
ने
कभी
चैन
से
रहने
न
दिया
जब
चली
सर्द
हवा
मैं
ने
तुझे
याद
किया
Josh Malihabadi
Send
Download Image
33 Likes
नहीं
आबो
हवा
में
ताज़गी
अब
दवा
की
सीसियों
में
ज़िन्दगी
है
Umesh Maurya
Send
Download Image
3 Likes
न
हारा
है
इश्क़
और
न
दुनिया
थकी
है
दिया
जल
रहा
है
हवा
चल
रही
है
Khumar Barabankvi
Send
Download Image
38 Likes
नज़र
से
नज़र
भर
नज़र
क्या
मिली
ख़िज़ाँ
में
खिली
इक
कली
फूल
की
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
ये
जिस्म
तंग
है
सीने
में
भी
लहू
कम
है
दिल
अब
वो
फूल
है
जिस
में
कि
रंग-ओ-बू
कम
है
Pallav Mishra
Send
Download Image
23 Likes
सूख
जाता
जल्द
है
फिर
भी
निशानी
के
लिए
फूल
इक
छुप
के
किताबों
में
छिपाना
इश्क़
है
Parul Singh "Noor"
Send
Download Image
34 Likes
चराग़ों
को
उछाला
जा
रहा
है
हवा
पर
रौब
डाला
जा
रहा
है
Rahat Indori
Send
Download Image
60 Likes
पैर
के
छालों
में
चुभते
हैं
हजारों
काँटें
फूल
तब
बाग
में
शायान
हुआ
करते
हैं
Aves Sayyad
Send
Download Image
10 Likes
यूँँ
लगे
दोस्त
तिरा
मुझ
से
ख़फ़ा
हो
जाना
जिस
तरह
फूल
से
ख़ुशबू
का
जुदा
हो
जाना
Qateel Shifai
Send
Download Image
43 Likes
Read More
हम
नहीं
अब
तो
किसी
के
होने
वाले
जितना
भी
चाहे
ये
रो
लें
रोने
वाले
हम
थे
इक
मज़दूर
के
बेटे,
खिलौने
मिलते
भी
गर
थे
तो
पत्थर
ढोने
वाले
कैसे
ये
जानेंगे
साँसों
की
घुटन
को
लोग
ये
गमलों
में
पौधे
बोने
वाले
Read Full
Amit Kumar
Download Image
1 Like
ये
सुना
है
भली
मुहब्बत
है
फिर
गले
क्यूँ
पड़ी
मुहब्बत
है
होती
कब
की
अलग-थलग
दुनिया
है
ग़नीमत
अभी
मुहब्बत
है
Read Full
Amit Kumar
Send
Download Image
3 Likes
सारे
पंछी
तो
आख़िर
में
उड़
जाते
हैं
पेड़
बस
देखते
पेड़
कटते
हुए
Amit Kumar
Send
Download Image
0 Likes
हर
क़दम
पे
लगी
बेड़ियाँ
होती
हैं
कितनी
मजबूर
ये
लड़कियाँ
होती
हैं
बस
पता
लगने
की
बात
है
वर्ना
तो
क़ैद
महलों
में
भी
रानियाँ
होती
हैं
ऐसी
इक
उम्र
में
आ
गए
हैं
जहाँ
ग़लतियाँ
कम
ग़लत-फ़हमियाँ
होती
हैं
शहर
के
फूल
भी
अब
महकते
नहीं
गाँव
में
फूलों
पे
तितलियाँ
होती
हैं
सो
गया
भूका
बच्चा
ये
सुनते
हुए
रोटियों
से
भली
लोरियाँ
होती
हैं
Read Full
Amit Kumar
Download Image
2 Likes
यही
तो
है
बस
कशमकश
ज़िन्दगी
की
कमी
पूरी
होती
नहीं
है
किसी
की
नज़र
आया
मरते
हुए
घर
का
चेहरा
अभी
है
बची
ज़िंदगी
ख़ुद-कुशी
की
अमीरों
के
घर
कोई
भूका
मरे
अब
है
लिखनी
कहानी
मुझे
मुफ़लिसी
की
Read Full
Amit Kumar
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Education Shayari
Satire Shayari
Sooraj Shayari
Raasta Shayari
Protest Shayari