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Amit Kumar
hai pata duniya ye ab achchhii nahin hai
hai pata duniya ye ab achchhii nahin hai | है पता दुनिया ये अब अच्छी नहीं है
- Amit Kumar
है
पता
दुनिया
ये
अब
अच्छी
नहीं
है
हाँ
मगर
दुनिया
की
ये
मर्ज़ी
नहीं
है
खोज
लेती
हैं
बदल
कोई
न
कोई
ख़्वाहिशें
तन्हा
कभी
मरती
नहीं
है
उस
को
कर
के
याद
कहता
हूँ
ग़ज़ल
अब
जिस
से
मिलने
में
भी
दिलचस्पी
नहीं
है
दिखती
तो
है
उसकी
आँखों
में
मुहब्बत
एक
वो
आवाज़
कुछ
कहती
नहीं
है
- Amit Kumar
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अपनी
तन्हाई
मिरे
नाम
पे
आबाद
करे
कौन
होगा
जो
मुझे
उस
की
तरह
याद
करे
Parveen Shakir
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दिल
आबाद
कहाँ
रह
पाए
उस
की
याद
भुला
देने
से
कमरा
वीराँ
हो
जाता
है
इक
तस्वीर
हटा
देने
से
Jaleel 'Aali'
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सुबूत
है
ये
मोहब्बत
की
सादा-लौही
का
जब
उस
ने
वा'दा
किया
हम
ने
ए'तिबार
Josh Malihabadi
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ज़रूरत
सब
कराती
है
मोहब्बत
भी
इबादत
भी
नहीं
तो
कौन
बेमतलब
किसी
को
याद
करता
है
Umesh Maurya
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यहाँ
पे
कल
की
रात
सर्द
थी
हर
एक
रोज़
से
सो
रात
भर
बुझा
नहीं
तुम्हारी
याद
का
अलाव
Siddharth Saaz
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ये
शहर-ए-अजनबी
में
अब
किसे
जा
कर
बताएँ
हम
कहाँ
के
रहने
वाले
हैं
कहाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
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ग़ुर्बत
की
ठंडी
छाँव
में
याद
आई
उस
की
धूप
क़द्र-ए-वतन
हुई
हमें
तर्क-ए-वतन
के
बाद
Kaifi Azmi
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याद
उसे
इंतिहाई
करते
हैं
सो
हम
उस
की
बुराई
करते
हैं
Jaun Elia
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अपना
बचपन
भूल
बैठा
हूँ
मगर
अब
भी
तेरा
रोल
नंबर
याद
है
Salman Zafar
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अच्छे
हो
कर
लौट
गए
सब
घर
लेकिन
मौत
का
चेहरा
याद
रहा
बीमारों
को
Shariq Kaifi
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चाहे
मिरा
जो
भी
लगे
उसके
गले
ख़ुशी
लगे
दिल
में
जो
है
हमेशा
से
फिर
उसकी
क्यूँ
कमी
लगे
रिमझिम
सी
करती
बारिशें
उसकी
मुझे
हँसी
लगे
पलकों
पे
मैं
रखूँ
उसे
चाहे
जिसे
जो
भी
लगे
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Amit Kumar
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अब
न
जाने
क्यूँँ
लगा
रहता
है
ये
डर
साथ
मेरे
सारा
अच्छा
हो
रहा
है
Amit Kumar
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अब
बड़ी
मुश्किल
से
धंधा
चल
रहा
है
हाँ
मगर
कहने
को
अच्छा
चल
रहा
है
बन
गई
है
एक
अफ़सर
वो
भी
पढ़
लिख
पर
मिरा
जैसा
था
वैसा
चल
रहा
है
ज़िंदगी
है
क़ीमती
सच
में
अगर
तो
क्यूँ
ही
फिर
ये
ज़हर
सस्ता
चल
रहा
है
कोई
ख़ुश
होके
विदा
होता
है
घर
से
और
कोई
हाथ
मलता
चल
रहा
है
हम
जहाँ
से
चलते
फिर
आते
वहीं
हैं
किस
तरफ़
ये
यारों
रस्ता
चल
रहा
है
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Amit Kumar
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पूनम
का
ये
चाँद
तुम
जैसे
के
लिए
है
बना
हम
जैसे
के
वास्ते
बस
नींद
की
गोली
बनी
Amit Kumar
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कोई
बिछड़ा
नहीं
है
किसी
से
यहाँ
जिनको
जिनका
था
होना
वो
बस
हो
गए
Amit Kumar
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