hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Amit Kumar
aaya to main bhi tha mashware ke li.e
aaya to main bhi tha mashware ke li.e | आया तो मैं भी था मशवरे के लिए
- Amit Kumar
आया
तो
मैं
भी
था
मशवरे
के
लिए
पूछा
ही
वो
नहीं
बैठने
के
लिए
उस
से
बिछड़े
ज़माने
हमें
हो
गए
ये
तो
डीपी
है
बस
देखने
के
लिए
फ़ाइदा
ये
हुआ
हार
कर
उस
को
अब
कुछ
बचा
ही
नहीं
हारने
के
लिए
इसलिए
ख़ुद-कुशी
करते
हैं
लोग
ये
रस्ता
बचता
नहीं
लौटने
के
लिए
- Amit Kumar
Download Ghazal Image
इस
तरह
से
वो
है
मिला
हम
सेे
ख़ुद
का
हिस्सा
नहीं
बचा
हम
सेे
हम
उसे
घर
पे
छोड़
आते
थे
पूछता
था
जो
भी
पता
हम
सेे
तुझपे
फिर
से
न
प्यार
आ
जाए
दुश्मनी
अच्छे
से
निभा
हम
सेे
उसको
आख़िर
जुदा
ही
होना
है
क्यूँ
ही
फिर
वो
रखे
गिला
हम
सेे
Read Full
Amit Kumar
Download Image
1 Like
सारे
पंछी
तो
आख़िर
में
उड़
जाते
हैं
पेड़
बस
देखते
पेड़
कटते
हुए
Amit Kumar
Send
Download Image
0 Likes
इस
सोच
में
ही
मेरी
हर
रात
ढल
रही
है
बदले
हैं
लोग
या
फिर
दुनिया
बदल
रही
है
पानी
की
धार
पर
ये
मुझको
लगा
कि
जैसे
इक
सद
में
से
नदी
ये
बाहर
निकल
रही
है
मैं
कैसे
साथ
सबके
अपने
क़दम
मिलाऊँ
दुनिया
मिरी
समझ
से
कुछ
तेज़
चल
रही
है
वो
छाते
ही
अँधेरा
लगता
है
याद
आने
ये
देखो
शाम
भी
अब
जल्दी
से
ढल
रही
है
Read Full
Amit Kumar
Download Image
1 Like
दिल
इक
तो
दुनिया
के
सभी
ग़म
सहता
है
चुप
चाप
फिर
गुम
होने
को
भी
कहता
है
मन
करता
है
मैं
मार
डालूँ
ख़ुद
को
अब
मेरे
ही
अंदर
मेरा
क़ातिल
रहता
है
कैसे
किसी
के
सामने
खुल
जाऊँ
मैं
इक
शख़्स
आँखों
से
भी
मेरे
बहता
है
दुनिया
के
सारे
ग़म
चले
जाते
हैं
पर
ये
उसका
ग़म
सीने
पे
जैसे
ढहता
है
Read Full
Amit Kumar
Download Image
1 Like
है
ही
इतनी
सुन्दर
ये
दुनिया
'अमित'
कि
देखूँ
इसे
जो
तो
शक
होता
है
Amit Kumar
Send
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Eid Shayari
Tasawwur Shayari
Death Shayari
Khuddari Shayari
Aasman Shayari