बस्तीउजड़गईकहाँवोअबमकाँरहे
इंसानियतजोसमझेवोइंसांकहाँरहे
वोएकसानेहाअभीभीयादरहगया
बाक़ीफ़सानेकेनकोईअबनिशाँरहे
फलफूलतेहैंलोगयहाँबेचनफ़रतें
नफ़रतमेंमेरीउल्फ़तोंकीइकदुकाँरहे
शीरींज़बानबोलतेहैंलोगसामने
दिलदेखिएतोज़हरहीउस
मेंनिहाँरहे
तन्हासेरास्तोंमेंअगरसाथआपहों
मेरेलिएतोबसयेहीइककारवाँरहे
हमढूँढतेतुम्हेंथेज़मींऔरआसमाँ
इतनेबरसबताओज़रातुमकहाँरहे
कितनाभीमैंसँवारूॅंमगरबातजानलो
तुमबिनतोज़िंदगीकेयेपलराएगाँरहे