qareeb to hain vo jism se par dil unke kyun door ho ga.e hain | क़रीब तो हैं वो जिस्म से पर दिल उनके क्यूँँ दूर हो गए हैं

  - Amit Gautam
क़रीबतोहैंवोजिस्मसेपरदिलउनकेक्यूँँदूरहोगएहैं
जिन्हेंसहेजाकईबरससेवोरिश्तेनासूरहोगएहैं
मैंबोलताहूँसदाहीसचपरघनेअंधेरेमेंखोगयाहूँ
सफ़ेदसाझूटबोलकरभीमगरवोमशहूरहोगएहैं
भलेहीचीख़ाकिएसड़कपरमगरकोईकिवाड़खोला
अजबहैंबस्तीकेहालदेखोअजबयेदस्तूरहोगएहैं
तुम्हींसेबरकततुम्हींसेरौनकतुम्हींसेख़ुशियाँथींघरमेंमाँपर
तुम्हारेबिनअबहरएकदिनरातमेरेबे-नूरहोगएहैं
कहींपेझूलेकहींपेकरतबकहींपेमेलेमेंथेखिलौने
येबसतसव्वुरमेंसोचनेकोहीहमतोमजबूरहोगएहैं
  - Amit Gautam
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy