tujh ko ma'aloom nahin kya hai tiri yaadon se | तुझ को मा'लूम नहीं क्या है तिरी यादों से

  - Amit Sharma Meet
तुझकोमा'लूमनहींक्याहैतिरीयादोंसे
एकअंजानसारिश्ताहैतिरीयादोंसे
रातबेचैनसीसर्दीमेंठिठुरतीहैबहुत
दिनभीहररोज़सुलगताहैतिरीयादोंसे
हिज्रकेग़मनेमुझेमारदियाथातोक्या
मरकेजीनाभीतोसीखाहैतिरीयादोंसे
आजफिरसेजोहुआक़ैदतोयेसोचूँहूँ
कलहीसोचाथाकिबचनाहैतिरीयादोंसे
ऐसेशामिलथामैंतुझमेंकिबड़ीमुश्किलसे
मैंनेअबख़ुदकोनिकालाहैतिरीयादोंसे
क्याबताएँकियहाँकैसेगुज़ारीहमने
अपनीहरसाँसकोसींचाहैतिरीयादोंसे
'मीत'यादोंनेभीकितनाहैसतायामुझको
मिरातकियाबड़ाभीगाहैतिरीयादोंसे
  - Amit Sharma Meet
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