ham pyaas ke maaron ka is tarah guzaara hai | हम प्यास के मारों का इस तरह गुज़ारा है

  - Amit Bajaj
हमप्यासकेमारोंकाइसतरहगुज़ाराहै
आँखोंमेंनदीलेकिनहाथोंमेंकिनाराहै
दोचारक़दमचलकरदोचारघड़ीरुकना
मंज़िलभीतुम्हारीहैरस्ताभीतुम्हाराहै
पलकोंकेनशेमनसेहोंटोंकेगुलिस्ताँतक
कुछहुस्नतुम्हाराहैकुछइश्क़हमाराहै
फूलोंकेमहकनेकाकोईतोसबबहोगा
याज़ुल्फ़परेशाँहैयालबकाइशाराहै
बर्फ़ाबसीदुनियामेंबसइश्क़कोथा
मेंरख
येआगकादरियाहीतिनकेकासहाराहै
पीर-ए-मुग़ाँतेरेमयख़ानेमेंतोहमने
इकमयहीनहींपीहैजीवनभीगुज़ाराहै
येशयजोशब-ए-हिज्राँजलतीहैबुझतीहै
अबकेतुम्हींदेखोजुगनूहैकिताराहै
  - Amit Bajaj
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