ham kinaara ki.e kinaaron se | हम किनारा किए किनारों से

  - Amir Mausavi
हमकिनाराकिएकिनारोंसे
खेलाकरतेहैंमंजधारोंसे
हमगुज़रतेहैंखेलतेहँसते
शोला-ज़ारोंसेख़ारज़ारोंसे
नामपातेहैंनासेह-ए-बे-नाम
हमसेबदनामबादा-ख़्वारोंसे
तुफ़ब-मतलब-बरारी-ए-याराँ
उफ़येअतवारख़ाकसारोंसे
जिनकेदिलमेंगुलोंकीचाहतहै
पहलेवोसुरख़-रूहोंख़ारोंसे
दिलकीराहोंमेंबोलिएकाँटे
करकेउम्मीदगुल-एज़ारोंसे
यूँँहैजुम्बिशमेंफूलकीडाली
वोबुलातेहैंजूँइशारोंसे
यूँँतोमह-वशहज़ारदेखेहैं
तुमजुदाहोमगरहज़ारोंसे
बुल-हवसहैरक़ीबबातिनमें
तौरज़ाहिरमेंजाँ-निसारोंसे
इकफ़सानाकिथादयारअपना
इकहक़ीक़तकिबे-दयारोंसे
तूनेदोस्तसाथक्याछोड़ा
दिललरज़ताहैअबसहारोंसे
गर्मबाज़ारहैमिरेफ़नका
दादपाताहूँनक़्द-कारोंसे
रूठजाएँवोकहीं'आमिर'
शे'रपढ़िएयूँँइशारोंसे
  - Amir Mausavi
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