meeraas-e-be-baha bhi bachaai na ja saki | मीरास-ए-बे-बहा भी बचाई न जा सकी

  - Amir Hamza Saqib
मीरास-ए-बे-बहाभीबचाईजासकी
इकज़िल्लत-ए-वफ़ाथीउठाईजासकी
वादोंकीरातऐसीघनीथीसियाहथी
क़िंदील-ए-ए'तिबारबुझाईजासकी
चाहाथातुमपेवारेंगेलफ़्ज़ोंकीकाएनात
येदौलत-ए-सुख़नभीकमाईजासकी
वोसहरथाकिरंगभीबे-रंगथेतमाम
तस्वीर-ए-यारहमसेबनाईजासकी
हममदरसान-ए-इश्क़केवोहोनहारतिफ़्ल
हमसेकिताब-ए-अक़्लउठाईजासकी
वोथरथरीथीजान-ए-सुख़नतेरेरू-ब-रू
तुझपरकहीग़ज़लभीसुनाईजासकी
  - Amir Hamza Saqib
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