vo sarfiree hawa thii sambhalna pada mujhe | वो सरफिरी हवा थी संभलना पड़ा मुझे

  - Ameer Qazalbash
वोसरफिरीहवाथीसंभलनापड़ामुझे
मैंआख़िरीचराग़थाजलनापड़ामुझे
महसूसकररहाथाउसेअपनेआसपास
अपनाख़यालख़ुदहीबदलनापड़ामुझे
सूरजनेछुपतेछुपतेउजागरकियातोथा
लेकिनतमामरातपिघलनापड़ामुझे
मौज़ू-ए-गुफ़्तुगूथीमेरीख़ामोशीकहीं
जोज़हरपीचुकाथाउगलनापड़ामुझे
कुछदूरतकतोजैसेकोईमेरेसाथथा
फिरअपनेसाथआपहीचलनापड़ामुझे
  - Ameer Qazalbash
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy