khauf ban kar ye khayal aata hai akshar mujh ko | ख़ौफ़ बन कर ये ख़याल आता है अक्सर मुझ को

  - Ameer Qazalbash
ख़ौफ़बनकरयेख़यालआताहैअक्सरमुझको
दश्तकरजाएगाइकरोज़समुंदरमुझको
मैंसरापाहूँख़बर-नामा-ए-इमरोज़-ए-जहाँ
कलभुलादेयेदुनियाकहींपढ़करमुझको
हरनफ़समुझमेंतग़य्युरकीहवाएलर्ज़ां
मुर्तसिमकरसकाकोईभीमंज़रमुझको
अपनेसाहिलपेमैंख़ुदतिश्ना-दहनबैठाहूँ
देखदरियाकीतराईसेनिकलकरमुझको
मिरेसाएमेंभीमुझकोनहींरहनेदेगा
मेरेहीघरमेंरखेगाकोईबे-घरमुझको
कार-गरकोईभीतदबीरहोनेदेगा
क्यामुक़द्दरहैकिलेजाएगादर-दरमुझको
कामआएगीबेदार-निगाहीभी'अमीर'
ख़्वाबकहजाएगाइकदिनमिरापैकरमुझको
  - Ameer Qazalbash
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