dhoop ke shahar men hue s | धूप के शहर में हुए साए

  - Ameer Imam
धूपकेशहरमेंहुएसाए
शुक्रकिसकाकरूँँकिआपआए
अबतोजाकरभटकनासीखाहै
अबकोईरास्तादिखलाए
इकज़मानेकीख़ाकछानीहै
तेरेदरसेकभीउठपाए
मुंजमितख़्वाबहैताबीरें
कौनसीरहपेकोईजमजाए
एकबे-नक्शनक़्शपायाहै
जानेकितनेनकूशठुकराए
जिसकोफ़र्त-ए-जुनूँकाख़तराहो
उसकीबातोंसेजीबहलाए
जोकटेथेतुझेभुलानेमें
हमकोवोदिनहमेशायादआए
अपनीतशरीहक्याकरें'आमिर'
कौनसमझेहुओंकोसमझाए
  - Ameer Imam
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy