chhup jaata hai phir suraj jis vaqt nikalta hai | छुप जाता है फिर सूरज जिस वक़्त निकलता है

  - Ameer Imam
छुपजाताहैफिरसूरजजिसवक़्तनिकलताहै
कोईइनआँखोंमेंसारीरातटहलताहै
चम्पईसुब्हेंपीलीदो-पहरेंसुरमईशा
में
दिनढलनेसेपहलेकितनेरंगबदलताहै
दिनमेंधूपेंबनकरजानेकौनसुलगताथा
रातमेंशबनमबनकरजानेकौनपिघलताहै
ख़ामोशीकेनाख़ुनसेछिलजायाकरतेहैं
कोईफिरइनज़ख़्मोंपरआवाज़ेंमलताहै
रातउगलतारहताहैवोएकबड़ासाया
छोटेछोटेसाएजोहरशामनिगलताहै
  - Ameer Imam
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy