ज़िंदगी-भरएकहीकार-ए-हुनरकरतेरहे
इकघरौंदारेतकाथाजिसकोघरकरतेरहे
हमकोभीमा'लूमथाअंजामक्याहोगामगर
शहर-ए-कूफ़ाकीतरफ़हमभीसफ़रकरतेरहे
उड़गएसारेपरिंदेमौसमोंकीचाहमें
इंतिज़ारउनकामगरबूढेशजरकरतेरहे
यूँँतोहमभीकौनसाज़िंदारहेइसशहरमें
ज़िंदाहोनेकीअदाकारीमगरकरतेरहे
आँखरहतकतीरहीदिलउसकोसमझातारहा
अपनाअपनाकामदोनोंउम्र-भरकरतेरहे
इकनहींकाख़ौफ़थासोहमनेपूछाहीनहीं
यादक्याहमकोभीवोदीवार-ओ-दरकरतेरहे