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Ambar
tumhein khone ka dar kuchh is tarah seene men kahtaa hai
tumhein khone ka dar kuchh is tarah seene men kahtaa hai | तुम्हें खोने का डर कुछ इस तरह सीने में कहता है
- Ambar
तुम्हें
खोने
का
डर
कुछ
इस
तरह
सीने
में
कहता
है
चले
जाओगे
जिस
दिन
तुम
धड़कना
छोड़
दूँगा
मैं
- Ambar
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वरना
तो
ये
दीवार-ओ-दर
लगता
है
तुम
होती
हो
घर
में
तो
घर
लगता
है
Bhaskar Shukla
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गुज़ार
देते
हैं
रातें
पहलू
में
उसके
जुगनू
को
भी
दर
का
फ़क़ीर
बना
रखा
है
ALI ZUHRI
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हम
किसी
दर
पे
न
ठिटके
न
कहीं
दस्तक
दी
सैकड़ों
दर
थे
मिरी
जाँ
तिरे
दर
से
पहले
Ibn E Insha
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हर
इक
सू
हैं
दर-ओ-दीवार
लेकिन
मुयस्सर
है
नहीं
घर-बार
लेकिन
Umrez Ali Haider
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एक
मुद्दत
से
मिरी
माँ
नहीं
सोई
'ताबिश'
मैं
ने
इक
बार
कहा
था
मुझे
डर
लगता
है
Abbas Tabish
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नई
सुब्ह
पर
नज़र
है
मगर
आह
ये
भी
डर
है
ये
सहर
भी
रफ़्ता
रफ़्ता
कहीं
शाम
तक
न
पहुँचे
Shakeel Badayuni
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दर-ब-दर
ढूँढ़
रहे
हैं
जिसे
अरसे
से
हम
शख़्स
वो
मेरी
ही
आँखों
में
छिपा
बैठा
है
Harsh saxena
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जाने
से
कोई
फ़र्क़
ही
उसके
नहीं
पड़ा
क्या
क्या
समझ
रहा
था
बिछड़ने
के
डर
को
मैं
Shariq Kaifi
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शहर
गुम-सुम
रास्ते
सुनसान
घर
ख़ामोश
हैं
क्या
बला
उतरी
है
क्यूँँ
दीवार-ओ-दर
ख़ामोश
हैं
Azhar Naqvi
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वही
मंज़िलें
वही
दश्त
ओ
दर
तिरे
दिल-ज़दों
के
हैं
राहबर
वही
आरज़ू
वही
जुस्तुजू
वही
राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
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मेरे
दिल
में
आन
बसा
है
फिर
से
कोई
मेहमान
बसा
है
इक
दिन
तुझ
सेे
बदला
लूँगा
तेरा
वो
अपमान
बसा
है
ज़्यादा
अकड़
दिखाने
वाला
जल्दी
ही
शमशान
बसा
है
खाते
हिन्दुस्तान
की
हो
पर
दिल
में
पाकिस्तान
बसा
है
कौन
यहाँ
है
सब
सेे
उत्तम
किस
में
सारा
ज्ञान
बसा
है
'अंबर'
के
सीने
में
केवल
सारा
हिन्दुस्तान
बसा
है
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Ambar
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तेरी
सादगी
ने
मुझे
छू
लिया
कोई
और
छूए
इजाज़त
नहीं
Ambar
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नए
नए
जब
हम
दुनिया
में
आए
थे
थोड़े
रोए
चीखे
और
चिल्लाए
थे
दुख
तो
ये
है
वो
ही
हमको
समझा
नईं
जिसको
हम
ने
सारे
राज़
बताए
थे
पहले
कर
ली
हम
से
लड़ाई
बात
न
की
अब
कहते
हैं
तुम
ही
आग
लगाए
थे
अच्छा
माना
सारी
ग़लती
मेरी
थी
तुम
ही
कौन
सा
जलती
आग
बुझाए
थे
सोचा
इक
मौक़ा
ही
दे
दूँ
लेकिन
तुम
कहाँ
ख़बर
थी
ताने
देने
आए
थे
'
अंबर'
अपना
कटना
बिलकुल
लाज़िम
था
पहली
बार
मुहब्बत
में
जो
आए
थे
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Ambar
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माना
मुझको
प्यार
जताना
नईं
आता
पर
ये
न
समझो
साथ
निभाना
नईं
आता
जीवन
भर
के
वादे
कर
के
साथी
से
अगले
ही
पल
हाथ
छुड़ाना
नईं
आता
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Ambar
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तोहफ़ा
एक
अनोखा
पाया
जीवन
भर
का
धोखा
पाया
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