hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ambar
muhabbat men mitne ko taiyaar hooñ
muhabbat men mitne ko taiyaar hooñ | मुहब्बत में मिटने को तैयार हूँ
- Ambar
मुहब्बत
में
मिटने
को
तैयार
हूँ
मरूँगा
तुम्हारी
ख़ुशी
के
लिए
- Ambar
Download Sher Image
भाई
बहनों
की
मोहब्बत
का
नशा
मत
पूछिए
बे-तकल्लुफ़
हो
गए
तो
गुदगुदी
तक
आ
गए
Iftikhar Falak Kazmi
Send
Download Image
31 Likes
तुम्हारा
नाम
लिया
था
कभी
मोहब्बत
से
मिठास
उस
की
अभी
तक
मेरी
ज़बान
में
है
Abbas Dana
Send
Download Image
29 Likes
इक
बार
अपनी
माँ
को
मोहब्बत
से
देख
ले
जिसको
भी
हुस्न-ए-ताम
का
मतलब
नहीं
पता
Rohit tewatia 'Ishq'
Send
Download Image
6 Likes
किया
बादलों
में
सफ़र
ज़िंदगी
भर
ज़मीं
पर
बनाया
न
घर
ज़िंदगी
भर
सभी
ज़िंदगी
के
मज़े
लूटते
हैं
न
आया
हमें
ये
हुनर
ज़िंदगी
भर
मोहब्बत
रही
चार
दिन
ज़िंदगी
में
रहा
चार
दिन
का
असर
ज़िंदगी
भर
Read Full
Anwar Shaoor
Download Image
92 Likes
मोहब्बत
के
इक़रार
से
शर्म
कब
तक
कभी
सामना
हो
तो
मजबूर
कर
दूँ
Akhtar Shirani
Send
Download Image
25 Likes
इस
त'अल्लुक़
में
नहीं
मुमकिन
तलाक़
ये
मोहब्बत
है
कोई
शादी
नहीं
Anwar Shaoor
Send
Download Image
38 Likes
अब
मैं
क्या
अपनी
मोहब्बत
का
भरम
भी
न
रखूँ
मान
लेता
हूँ
कि
उस
शख़्स
में
था
कुछ
भी
नहीं
Jawwad Sheikh
Send
Download Image
57 Likes
प्यार-मोहब्बत
सीधे-सादे
रस्ते
हैं
कोई
इन
पर
चलने
को
तैयार
नहीं
Ashok Rawat
Send
Download Image
22 Likes
सँभलने
के
लिए
कर
ली
मुहब्बत
मगर
इस
में
फिसलना
चाहिए
था
Read Full
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
5 Likes
मुझ
ऐसा
शख़्स
अगर
क़हक़हों
से
भर
जाए
ये
साँस
लेती
उदासी
तो
घुट
के
मर
जाए
वो
मेरे
बाद
तरस
जाएगा
मोहब्बत
को
उसे
ये
कहना
अगर
हो
सके
तो
मर
जाए
Read Full
Rakib Mukhtar
Send
Download Image
76 Likes
Read More
दोस्ती
तो
कर
हैं
लेते
सब
मगर
दोस्तों
की
सुनता
है
कोई
कोई
Ambar
Send
Download Image
0 Likes
रस्ते
से
मुड़
जाया
कर
रोज़
न
मिलने
आया
कर
पिज़्ज़ा
बरगर
खा
ले
पर
जानम
भाव
न
खाया
कर
मेरे
लिए
इतना
ही
कर
याद
हमेशा
आया
कर
धूप
में
बन
के
बादल
तू
राहत
वाली
छाया
कर
तन्हाई
में
जब
तुझको
सोचूँ
तू
आ
जाया
कर
Read Full
Ambar
Send
Download Image
1 Like
हाँ
ख़ता
मुझ
सेे
हुई
चल
ठीक
है
मैंने
ग़लती
मान
ली
चल
ठीक
है
ऐ
हवा
ऐ
चाँदनी
चल
ठीक
है
मेरी
ख़ुशियाँ
छीन
ली
चल
ठीक
है
तेरे
हिस्से
आए
हैं
ख़ुशियों
के
पल
बेरुख़ी
मुझको
मिली
चल
ठीक
है
कर्म
पे
अपने
मैं
शर्मिंदा
रहा
और
न
तू
ने
बात
की
चल
ठीक
है
जानी
तुम
सेे
बातें
करनी
हैं
बहुत
मिलना
फ़ुरसत
में
कभी
चल
ठीक
है
Read Full
Ambar
Download Image
1 Like
तुझ
को
दिल
में
बसा
के
रक्खा
है
दूरियों
को
मिटा
के
रक्खा
है
जब
सुना
चाँद
आने
वाला
है
दीप
घर
का
बुझा
के
रक्खा
है
जाल
उसने
बिछा
के
रक्खा
है
रुख़
से
सब
को
लुभा
के
रक्खा
है
जब
गया
तू
मुझे
अकेला
छोड़
तब
से
दिल
को
दुखा
के
रक्खा
है
क्या
हुआ
है
तुझे
मोहब्बत
में
हाल
कैसा
बना
के
रक्खा
है
हाँ
या
ना
में
जवाब
दे
दे
अब
ख़ामख़ा
ही
फँसा
के
रक्खा
है
हाल
भी
तो
बता
दे
अपना
तू
मैं
बिज़ी
हूँ
बता
के
रक्खा
है
मानता
क्यूँँ
नहीं
तू
मेरी
बात
काहे
इतना
सता
के
रक्खा
है
Read Full
Ambar
Download Image
1 Like
तेरी
बातें
मुझे
बेचैन
की
हैं
तेरा
भी
हाल
कुछ
ऐसा
ही
है
ना
Ambar
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Dosti Shayari
Breakup Motivation Shayari
Child labour Shayari
Andaaz Shayari
Dariya Shayari