साएबाँक्याअब्रकाटुकड़ाहैक्या
धूपतोमा'लूमहैसायाहैक्या
अपनेदामनमेंछुपालेमौज-ए-ग़म
क़तराक़तराज़िंदगीजीनाहैक्या
ख़्वाबआँसूएहतजाजीज़िंदगी
पूछिएमतशहर-ए-कलकत्ताहैक्या
तुंदझोंकेसबउड़ालेजाएँगे
शाख़सेटूटाहुआपत्ताहैक्या
हरक़दमइकसानेहाहैदोस्तो
ऐसेमौसममेंकोईजीताहैक्या
मेरीमहरूमीमिराग़ुस्सानपूछ
बर्फ़कीहिद्दतहैक्याशो'लाहैक्या
क्यूँँधड़कताहैयेदिलअम्बर-'शमीम'
उसकीयादोंसेमिरारिश्ताहैक्या