har lamha sairaabi ki arzaani hai | हर लम्हा सैराबी की अर्ज़ानी है

  - Ambar Bahraichi
हरलम्हासैराबीकीअर्ज़ानीहै
मिट्टीकेकूज़ेमेंठंडापानीहै
चुपकेचुपकेरोताहैतन्हाईमें
वोजोशहरकेहरमेलेकाबानीहै
नदीकिनारेशहरपनाहेंबालोंकी
सावनकीबौछारेंहैंतुग़्यानीहै
बाहरधूपसमुंदरसुर्ख़बगूलेभी
अंदरहरख़ुलिएमेंरुतबर्फ़ानीहै
उसनेहरज़र्रेकोतिलिस्म-आबादकिया
हाथहमारेलगीफ़क़तहैरानीहै
मेरेदश्तकोशायदउसनेदेखलिया
धूपशबनमीहर-सूमंज़रधानीहै
जानेक्याबरसाथारातचराग़ोंसे
भोरसमयसूरजभीपानीपानीहै
उसनेहरलम्हाख़ुदकोयूँँरामकिया
हरपैकरमेंउसकीराम-कहानीहै
कच्चाघरआताहैयादबहुत'अंबर'
कहनेकोशहरोंमेंहरआसानीहै
  - Ambar Bahraichi
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