gardish ka ik lamha yuñ bebaak hua | गर्दिश का इक लम्हा यूँँ बेबाक हुआ

  - Ambar Bahraichi
गर्दिशकाइकलम्हायूँँबेबाकहुआ
सोनेचाँदीकाहरमंज़रख़ाकहुआ
नहरकिनारेएकसमुंदरप्यासाहै
ढलतेहुएसूरजकासीनाचाकहुआ
इकशफ़्फ़ाफ़तबीअतवालासहराई
शहरमेंरहकरकिसदर्जाचालाकहुआ
शबउजलीदस्तारेंक्यासर-गर्महुईं
भोरसमयसारामंज़रनमनाकहुआ
वोतोउजालोंजैसाथाउसकीख़ातिर
आनेवालाहरलम्हासफ़्फ़ाकहुआ
ख़ाल-ओ-ख़दमंज़रपैकरऔरगुलबूटे
ख़ूबहुएमेरेहाथोंमेंचाकहुआ
इकतालाबकीलहरोंसेलड़तेलड़ते
वोभीकालेदरियाकापैराकहुआ
मौसमनेकरवटलीक्याआँधीआई
अबकेतोकोहसारख़स-ओ-ख़ाशाकहुआ
बातिनकीसारीलहरेंथींजोबनपर
उसकेआरिज़कातिलभीबेबाकहुआ
चंदसुहानेमंज़रकुछकड़वीयादें
आख़िर'अंबर'काभीक़िस्सापाकहुआ
  - Ambar Bahraichi
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