ab qabeele ki rivaayat hai bikharna waali | अब क़बीले की रिवायत है बिखरने वाली

  - Ambar Bahraichi
अबक़बीलेकीरिवायतहैबिखरनेवाली
हरनज़रख़ुदमेंकोईशहरहैभरनेवाली
ख़ुश-गुमानीयेहुईसूखगयाजबदरिया
रेतसेअबमिरीकश्तीहैउभरनेवाली
ख़ुशबुओंकेनएझोंकेहैंहरइकधड़कनमें
कौनसीरुतहैमिरेदिलमेंठहरनेवाली
कुछपरिंदेहैंमगनमौसमीपरवाजोंमें
एकआँधीहैपर-ओ-बालकतरनेवाली
हमभीअबसीखगएसब्ज़पसीनेकीज़बाँ
संग-ज़ारोंकीजबीनेंहैंसँवरनेवाली
तेज़धुनपरथेसभीरक़्समेंक्यूँँकरसुनते
चंदलम्होंमेंबलाएँथींउतरनेवाली
बसउसीवक़्तकईज्वाला-मुखीफूटपड़े
मोतियोंसेमिरीहरनावथीभरनेवाली
ढकलियाचाँदकेचेहरेकोसियहबादलने
चाँदनीथीमिरेआँगनमेंउतरनेवाली
दफ़अतनटूटपड़ेचंदबगूले'अंबर'
ख़ुशबुएँथींमिरीबस्तीसेगुज़रनेवाली
  - Ambar Bahraichi
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