tumhaari yaad se nikli udaasi | तुम्हारी याद से निकली उदासी

  - Amardeep Singh
तुम्हारीयादसेनिकलीउदासी
मुझेतस्लीमहैऐसीउदासी
मिलनवोआख़िरीभूलाअपना
उसकेबादकीपहलीउदासी
समुंदरसेभीगहरादिलहमारा
हमारेदिलसेभीगहरीउदासी
बहुतसेपैरहनबदलेहैंदिलने
मगरआख़िरकोफिरपहनीउदासी
किसीनेअपनेअंदरजज़्बकरली
किसीनेचेहरेतकरक्खीउदासी
किसीकेलबपेहैमुस्कानझूटी
किसीकीशक्लपरफ़र्ज़ीउदासी
कोईहर्फ़-ए-सुख़नतकलेगयाहै
किसीनेसाज़परगाईउदासी
किसीतख़्लीक़मेंढलजाएजबतू
हरइकपहलूसेहैअच्छीउदासी
अभीशोर-ए-तरबथमजाएगाजब
हमारेक़ल्बसेगूँजीउदासी
ज़रासीदेरख़ुशियोंकीफ़ज़ाएँ
फिरइसकेबादइकलंबीउदासी
ख़ुदअपनेआपतकसिमटेहुओंकी
बड़ीहीदूरतकफैलीउदासी
उदासइसबारमैंयेसोचकरहूँ
तिरेहोतेहुएकैसीउदासी
उदासीनेभीआख़िरतंगकर
येमुझसेकहदियाइतनीउदासी
'अमर'हद्द-ए-नज़रतकदेखताहूँ
मैंतुझमेंबसउदासीहीउदासी
  - Amardeep Singh
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