phir koi mushkil jawaan hone ko hai | फिर कोई मुश्किल जवाँ होने को है

  - Amar Singh Figar
फिरकोईमुश्किलजवाँहोनेकोहै
दोस्तोंकाइम्तिहाँहोनेकोहै
झोंकेदमसाधेखड़ेहैंचार-सू
कोईहंगामायहाँहोनेकोहै
भीगजानेपरभीजोबुझताथा
आजवोशो'लाधुआँहोनेकोहै
येबहारेंऔरगुलबूटेनिढाल
फ़स्ल-ए-गुलदौर-ए-ख़िज़ाँहोनेकोहै
ज़िंदगीसेकीजिएउम्मीदक्या
ज़िंदगीख़ुदराएगाँहोनेकोहै
ज़ब्तकाहदसेगुज़रनादेखिए
राज़आँखोंसेबयाँहोनेकोहै
मंज़िल-ए-मक़्सूदजबआईनज़र
राहबरसंग-ए-गराँहोनेकोहै
  - Amar Singh Figar
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