व्यर्थहीसुर्ख़ियाँनहींमिलती
दानमेंतालियाँनहींमिलती
एककीनौकरीनहींलगती
पाँचकोरोटियाँनहींमिलती
वरनामैंभीख़रीदलेतामाँ
शहरमेंलोरियाँनहींमिलती
तुमइसेमेलाकैसेकहतेहो
जबयहाँचूड़ियाँनहींमिलती
आजवोफूलभीनहींखिलते
आजवोतितलियाँनहींमिलती
केकमिलताहैजन्मदिनपरअब
क्यूँकहींबूंदियाँनहींमिलती
पिछलेसबकर्मदेखेजातेहैं
ऐसेहीबेटियाँनहींमिलती