hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Aman Mishra 'Anant'
umr ki kamsin ghadi men
umr ki kamsin ghadi men | उम्र की कमसिन घड़ी में
- Aman Mishra 'Anant'
उम्र
की
कमसिन
घड़ी
में
लग
गया
दिल
बे-दिली
में
तीन
बारी
कुल
मिले
हैं
चार
दिन
की
ज़िंदगी
में
साथ
रोना
रो
न
पाए
बिछड़े
इतनी
हड़बड़ी
में
देखनी
है
लज्जा
तुझको
देख
उसकी
ओढ़नी
में
दोस्त
कहता
था
तुझे
मैं
तू
भी
बदला
आख़िरी
में
दिन
गुज़ारा
तीरगी
में
रात
काटी
रौशनी
में
सच
कहूँ
तो
बाद
तेरे
मन
नहीं
है
शा'इरी
में
- Aman Mishra 'Anant'
Download Ghazal Image
बनाओ
ताजमहल
के
ब-जाए
ताश
महल
तमाम
उम्र
मुहब्बत
करो
गिराओ
बनाओ
Charagh Sharma
Send
Download Image
28 Likes
किसी
को
घर
से
निकलते
ही
मिल
गई
मंज़िल
कोई
हमारी
तरह
उम्र
भर
सफ़र
में
रहा
Ahmad Faraz
Send
Download Image
585 Likes
मिल
गए
थे
एक
बार
उस
के
जो
मेरे
लब
से
लब
उम्र
भर
होंटों
पे
अपने
मैं
ज़बाँ
फेरा
किया
Jurat Qalandar Bakhsh
Send
Download Image
21 Likes
उम्र
का
एक
और
साल
गया
वक़्त
फिर
हम
पे
ख़ाक
डाल
गया
Shakeel Jamali
Send
Download Image
45 Likes
उम्र
गुज़री
दवाएँ
करते
'मीर'
दर्द-ए-दिल
का
हुआ
न
चारा
हनूज़
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
17 Likes
एक
दिन
देखने
को
आ
जाते
ये
हवस
उम्र
भर
नहीं
होती
Ibn E Insha
Send
Download Image
27 Likes
आप
से
बाद
बिछड़ने
के
खुला
ये
हम
पे
उम्र
तन्हा
ही
गुज़र
जाती,
तो
अच्छा
होता
Chandan Sharma
Send
Download Image
3 Likes
उम्र
शायद
न
करे
आज
वफ़ा
काटना
है
शब-ए-तन्हाई
का
Altaf Hussain Hali
Send
Download Image
27 Likes
तर्जुबा
था
सो
दु'आ
की
के
नुकसान
ना
हो
इश्क़
मजदूर
को
मजदूरी
के
दौरान
ना
हो
मैं
उसे
देख
ना
पाता
था
परेशानी
में
सो
दु'आ
करता
था
मर
जाए
परेशान
ना
हो
Read Full
Afkar Alvi
Send
Download Image
70 Likes
उसकी
टीस
नहीं
जाती
है
सारी
उम्र
पहला
धोखा
पहला
धोखा
होता
है
Shariq Kaifi
Send
Download Image
35 Likes
Read More
हूँ
यूँँ
टूटा
नहीं
था
जानता
मैं
मुझे
मेरी
हँसी
से
ख़ुश
लगा
मैं
उसे
मिलना
तो
था
बेबाक
होकर
वो
आई
सामने
तो
बिछ
गया
मैं
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
Send
Download Image
1 Like
अब
तू
इन
आँखों
का
ख़्वाब
नहीं
हो
सकता
इस
सेे
ज़्यादा
और
ख़राब
नहीं
हो
सकता
हर
इक
लड़की
उस
सी
देवी
नइ
हो
सकती
अब
हर
इक
फूल
गुलाब
नहीं
हो
सकता
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
Send
Download Image
12 Likes
सोचो
कितना
अच्छा
हो
सकता
है
ये
सब
पहले
जैसा
हो
सकता
है
बुरखे
वाली
वो
चंदन
वाला
मैं
साहब
क्या
ये
रिश्ता
हो
सकता
है
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
Send
Download Image
14 Likes
जब
उसके
ठुकराए
आते
है
दुनिया
से
उकताए
आते
है
पहले
तुम
आती
थी
सपनों
में
अब
सपनों
में
साए
आते
है
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
Send
Download Image
10 Likes
साथ
मेरे
भले
बुरा
होता
हाल
तेरा
सँवर
गया
होता
काम
कुछ
और
कर
भी
लेता
तो
कौन
सा
नाम
कर
दिया
होता
मैं
कहा
करता
था
उसे
राधा
काश
के
रुकमणी
कहा
होता
लिख
नहीं
शा'इरी
भले
पाता
नाम
तेरा
मगर
लिखा
होता
अब
यही
दुख
रुला
रहा
हैं
,
तू
पास
होती
तो
हँस
रहा
होता
काश
तितली
मुझे
बनाता
तू
धर्म
से
ज़ात
से
जुदा
होता
ज़िंदगी
थी
नहीं
कभी
मेरी
काश
होती
अमन
तेरा
होता
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
Download Image
11 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Teer Shayari
Aazaadi Shayari
Jahar Shayari
Fasad Shayari
Terrorism Shayari