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Aman Mishra 'Anant'
nahin hai vaqt kuchh jal
nahin hai vaqt kuchh jal | नहीं है वक़्त कुछ जल्दी सिखाओ
- Aman Mishra 'Anant'
नहीं
है
वक़्त
कुछ
जल्दी
सिखाओ
बनाते
कैसे
हैं
कश्ती
सिखाओ
हुई
इतनी
सियानी
कब
तू
गुड़िया
जो
माँ
से
कहती
है
रोटी
सिखाओ
ये
पहला
दश्त
है
मजनूँ
हमारा
हमें
आता
नहीं
कुछ
भी
सिखाओ
बना
जब
बाप,
बेटा
बोला
माँ
से
सुनाती
थी
जो
तुम
लोरी
सिखाओ
सिखा
दी
ए
बी
सी
डी
अच्छी
लेकिन
ज़रा
इज़्ज़त
भी
तो
करनी
सिखाओ
वो
जो
तुझ
में
थी
अपना
सोचने
की
बशर
को
भी
वही
ख़ूबी
सिखाओ
- Aman Mishra 'Anant'
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हमने
तुझ
पे
छोड़
दिया
है
कश्ती,
दरिया,
भँवर,
किनारा
Siddharth Saaz
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ये
इश्क़
नहीं
आसाँ
इतना
ही
समझ
लीजे
इक
आग
का
दरिया
है
और
डूब
के
जाना
है
Jigar Moradabadi
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उन
आँखों
पर
शे'र
कहे
जा
सकते
थे
उन
आँखों
में
डूब
ने
से
गर
बच
जाते
Shadab Asghar
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जब
भी
कश्ती
मिरी
सैलाब
में
आ
जाती
है
माँ
दु'आ
करती
हुई
ख़्वाब
में
आ
जाती
है
Munawwar Rana
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शिकस्ता
नाव
समझ
कर
डुबोने
वाले
लोग
न
पा
सके
मुझे
साहिल
पे
खोने
वाले
लोग
ज़रा
सा
वक़्त
जो
बदला
तो
हम
पे
हँसने
लगे
हमारे
काँधे
पे
सर
रख
के
रोने
वाले
लोग
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Kashif Sayyed
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कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
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Kazim Rizvi
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नदी
को
कोसते
हैं
सब
किसी
के
डूब
जाने
पर
नदी
में
डूबते
को
पर
कोई
तिनका
नहीं
देता
Alankrat Srivastava
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मैं
इस
ख़याल
से
शर्मिंदगी
में
डूब
गया
कि
मेरे
होते
हुए
वो
नदी
में
डूब
गया
Siraj Faisal Khan
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आज
की
रात
न
जाने
कितनी
लंबी
होगी
आज
का
सूरज
शाम
से
पहले
डूब
गया
है
Aanis Moin
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ज़माने
पहले
जिसे
डूबना
था
डूब
गया
न
जाने
अब
यहाँ
किसको
बचाने
आता
हूँ
Shariq Kaifi
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कोई
भी
हलचल
नहीं
है
फिर
तो
ये
जंगल
नहीं
है
तू
बदल
है
मसअलों
का
मसअलों
का
हल
नहीं
हैं
शाहज़ादी
सोचकर
चल
मेरे
घर
मख़मल
नहीं
हैं
पेड़
की
हूँ
शाख
जिसपर
फूटी
इक
कोपल
नहीं
हैं
हाथ
में
कंगन
नहीं
है
पैर
में
पायल
नहीं
है
है
हया
का
गहना
पहला
सिर्फ़
ये
काजल
नहीं
है
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Aman Mishra 'Anant'
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गिले
शिकवे
से
पहले
सोच
लेना
मुझे
चुभने
से
पहले
सोच
लेना
मेरे
बारे
में
तुम
क्या
सोचते
हो
मेरे
मरने
से
पहले
सोच
लेना
भरा
हूँ
मैं
निसाबों
से
दुखों
के
मुझे
पढ़ने
से
पहले
सोच
लेना
बहन
है
माँ
है
घर
में
बाप
भी
है
कि
विश
पीने
से
पहले
सोच
लेना
नशे
में
क्या
करोगे
होश
खो
कर
नशा
करने
से
पहले
सोच
लेना
कोई
सोया
कहीं
फ़ुटपाथ
पर
है
कभी
सोने
से
पहले
सोच
लेना
लड़ाई
आर
या
है
पार
की
ये
अमन
लड़ने
से
पहले
सोच
लेना
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Aman Mishra 'Anant'
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कोई
पूजा
कोई
जाप
नहीं
मेरे
आपे
में
मैं
आप
नहीं
तूने
मुझको
जल्दी
मरने
का
ये
वरदान
दिया
है
श्राप
नहीं
बेशक
राय
सुना
पर
हुक़्म
न
दे
तू
बस
दोस्त
मिरा
है
बाप
नहीं
ज़िंदा
है
जीने
की
चाह
नहीं
तबला
है
तबले
में
थाप
नहीं
अब
उपकार
नहीं
करना
मुझको
उसको
करना
पशचाताप
नहीं
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Aman Mishra 'Anant'
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कब
तक
आपा
खोया
जाए
रोकर
कितना
रोया
जाए
इस
सेे
पहले
सपने
आएँ
बेहतर
होगा
सोया
जाए
कुछ
लम्हें
भी
काफ़ी
है
क्यूँँ
भार
जनम
का
ढोया
जाए
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Aman Mishra 'Anant'
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उलझा
कर
जिसको
ये
दुनिया
रखती
है
सादा
सी
प्यारी
सी
अच्छी
लड़की
है
Aman Mishra 'Anant'
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