बसतसव्वुरमेंमहजबीनोंके
ज़िस्तहोजाएगीबसरशायद
इसलिएबनसंवरकेरहताहूँ
देखहीलेंवोइकनजरशायद
जबभीपूछूँ...केइश्क़हैमुझसेे?
मुझकोकहतीहै,हाँ...मगर...शायद!!
तुझसेेरिश्ताकोईनिकलआए
अजनबीकुछतोग़ौरकर...शायद
दर्देदिलऔरहोगयापुरलुत्फ़
बे-वफ़ाकाहैयेअसरशायद
कलजोकहतेथेहमहीसबकुछहै
आजफिरतेहैंदर-ब-दरशायद
हालअल्ताफदेखकरतेरा
रोपड़ाकलतोचारागरशायद