kabk o qumri men hai jhagda ki chaman kis ka hai | कब्क ओ क़ुमरी में है झगड़ा कि चमन किस का है

  - Altaf Hussain Hali
कब्कक़ुमरीमेंहैझगड़ाकिचमनकिसकाहै
कलबतादेगीख़िज़ाँयेकिवतनकिसकाहै
फ़ैसलागर्दिश-ए-दौराँनेकियाहैसौबार
मर्वकिसकाहैबदख़शानख़ुतनकिसकाहै
दमसेयूसुफ़केजबआबादथायाक़ूबकाघर
चर्ख़कहताथाकियेबैत-ए-हुज़नकिसकाहै
मुतमइनइससेमुसलमाँमसीहीयहूद
दोस्तक्याजानिएयेचर्ख़-ए-कुहनकिसकाहै
वाइ'ज़इकऐबसेतूपाकहैयाज़ात-ए-ख़ुदा
वर्नाबे-ऐबज़मानेमेंचलनकिसकाहै
आजकुछऔरदिनोंसेहैसिवाइस्तिग़राक़
अज़्म-ए-तस्ख़ीरफिरशेख़-ए-ज़मनकिसकाहै
आँखपड़तीहैहरइकअहल-ए-नज़रकीतुमपर
तुममेंरूपगुलनसरीनसमनकिसकाहै
इश्क़उधरअक़्लइधरधुनमेंचलेहैंतेरी
रस्ताअबदेखिएदोनोंमेंकठिनकिसकाहै
शानदेखीनहींगरतूनेचमनमेंउसकी
वलवलातुझमेंयेमुर्ग़-ए-चमनकिसकाहै
हैंफ़साहतमेंमसलवाइ'ज़'हाली'दोनों
देखनायेहैकिबे-लागसुख़नकिसकाहै
  - Altaf Hussain Hali
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy