dil se khayal-e-dost bhulaaya na jaayega | दिल से ख़याल-ए-दोस्त भुलाया न जाएगा

  - Altaf Hussain Hali
दिलसेख़याल-ए-दोस्तभुलायाजाएगा
सीनेमेंदाग़हैकिमिटायाजाएगा
तुमकोहज़ारशर्मसहीमुझकोलाखज़ब्त
उल्फ़तवोराज़हैकिछुपायाजाएगा
दिलरज़ा-ए-ग़ैरहैशर्त-ए-रज़ा-ए-दोस्त
ज़िन्हारबार-ए-इश्क़उठायाजाएगा
देखीहैंऐसीउनकीबहुतमेहरबानियाँ
अबहमसेमुँहमेंमौतकेजायाजाएगा
मयतुंदज़र्फ़-ए-हौसला-ए-अहल-ए-बज़्मतंग
साक़ीसेजामभरकेपिलायाजाएगा
राज़ीहैंहमकिदोस्तसेहोदुश्मनीमगर
दुश्मनकोहमसेदोस्तबनायाजाएगा
क्यूँँछेड़तेहोज़िक्रमिलनेकारातके
पूछेंगेहमसबबतोबतायाजाएगा
बिगड़ेंबातबातपेक्यूँँजानतेहैंवो
हमवोनहींकिहमकोमनायाजाएगा
मिलनाहैआपसेतोनहींहस्रग़ैरपर
किसकिससेइख़्तिलातबढ़ायाजाएगा
मक़्सूदअपनाकुछखुलालेकिनइसक़दर
या'नीवोढूँडतेहैंजोपायाजाएगा
झगड़ोंमेंअहल-ए-दींके'हाली'पड़ेंबसआप
क़िस्साहुज़ूरसेयेचुकायाजाएगा
  - Altaf Hussain Hali
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