mere hi aas-paas ho tum bhi | मेरे ही आस-पास हो तुम भी

  - Alok Mishra
मेरेहीआस-पासहोतुमभी
इनदिनोंकुछउदासहोतुमभी
बारहाबातजीनेमरनेकी
एकबिखरीसीआसहोतुमभी
सैल-ए-नग़्मापेइतनीहैरतक्यूँँ
इसनमीसेशनासहोतुमभी
मैंभीडूबाहूँआसमानोंमें
ख़्वाबमेंमहव-ए-यासहोतुमभी
मैंहूँटूटासापैमाना
एकख़ालीगिलासहोतुमभी
गरमैंदुखसेसजाहुआहूँतो
रंजसेख़ुश-लिबासहोतुमभी
अपनीफ़ितरतकामैंभीमाराहूँ
अपनीआदतकेदासहोतुमभी
मेरीमिट्टीभीरेतकीसीहै
औरसहराकीप्यासहोतुमभी
  - Alok Mishra
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