दियामुंडेरपेदिलकीजलारहीहूँमैं
हवा-मिज़ाजकोवापसबुलारहीहूँमैं
मुझेकिसीकेभीजानेसेदुखनहींहोता
नजानेकिसलिएआँसूबहारहीहूँमैं
येतेरीमर्ज़ीकिआएनआएवापसतू
निज़ाम-ए-दिलकोतोदिलसेचलारहीहूँमैं
इसीचराग़सेहरसम्तरौशनीहोगी
जलाहैदिलतोदिएसबबुझारहीहूँमैं
जोहाथआजमुझेथामतेनहींहैं'शबी
गएदिनोंमेंतोउनकीदु'आरहीहूँमैं