lage jab subah ki kashtii kinaare shab | लगे जब सुब्ह की कश्ती किनारे शब

  - Almas Shabi
लगेजबसुब्हकीकश्तीकिनारेशब
कियाकरतीहैजानेक्याइशारेशब
नहींशिकवामगरइतनाबतादोतुम
कोईतुमबिनभलाकैसेगुज़ारेशब
छुड़ाकरहाथदुनियासेमिरीख़ातिर
चलेआओजहाँहोतुमपुकारेशब
ज़रासोचोयेकिसकेवास्तेअपने
लिएफिरतीहैदामनमेंसितारेशब
उठाकेरंज-ओ-ग़मसारेज़मानेके
मिरेदिलपेजानेक्यूँँउतारेशब
  - Almas Shabi
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