zehan aur dil men jang jaarii thii | ज़ेहन और दिल में जंग जारी थी

  - Alka Mishra
ज़ेहनऔरदिलमेंजंगजारीथी
जागकरमैंनेशबगुज़ारीथी
दिलगयातोगयायेजाँभीगई
वोनज़रइसक़दरशिकारीथी
बसगयाथाख़याल-ओ-ख़्वाबमेंवो
वोख़ुमारीभीक्याख़ुमारीथी
उसनेनज़रोंसेपढ़लियाहोगा
दिलमेंमहफ़ूज़राज़दारीथी
जोतिरेइंतिज़ारमेंगुज़री
इकवहीरातमुझपेभारीथी
अपनीजाँकाउतारकरसदक़ा
मैंनेउसकीनज़रउतारीथी
  - Alka Mishra
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