lau mire dil ne zaraa us se lagaaee hi nahin | लौ मिरे दिल ने ज़रा उस से लगाई ही नहीं

  - Alka Mishra
लौमिरेदिलनेज़राउससेलगाईहीनहीं
मैंनेचाहतकीकभीजोतजगाईहीनहीं
रौशनीरूहतकआईहैतोआईकैसे
जबकिउसतकतोमिरीकोईरसाईहीनहीं
अपनीरौमेंहूँबहेजातीहूँनद्दीकीतरह
पत्थरोंकोमैंकभीध्यानमेंलाईहीनहीं
कैसेबनजातेहैंसबकामयेबिगड़ेमेरे
एकनेकीतोअभीमैंनेकमाईहीनहीं
ख़ुद-ब-ख़ुदझुकगईंदरपरतिरेनज़रेंमेरी
येनिगहमैंनेकहींऔरझुकाईहीनहीं
कैसेचुप-चापचलेआतेहैंनींदोंमेंमिरी
मैंनेख़्वाबोंकोतोआवाज़लगाईहीनहीं
उसकीउम्मीदअभीसेमैंलगालूँकैसे
अपनीहस्तीतोअभीमैंनेमिटाईहीनहीं
  - Alka Mishra
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy