safar hai dhoop ka is men qayaam thodii hai | सफ़र है धूप का इस में क़याम थोड़ी है

  - Alka Mishra
सफ़रहैधूपकाइसमेंक़यामथोड़ीहै
बलाहैइश्क़येबच्चोंकाकामथोड़ीहै
किसीकोवस्लहैबोझलकोईफ़िराक़मेंख़ुश
दिलोंकेखेलमेंकोईनिज़ामथोड़ीहै
हमारेदिलमेंधड़कताहैनामउसकाअभी
हैयेशुरू-ए-मोहब्बततमामथोड़ीहै
जोअहल-ए-इश्क़हैंमंज़िलकाग़मनहींकरते
येख़ासलोगोंकारस्ताहैआमथोड़ीहै
हमअपनेमनकीकरेंगेबुरालगेकिभला
हमारादिलहैतुम्हाराग़ुलामथोड़ीहै
तुम्हारीयादजोआईतोगएमिलने
वगर्नातुमसेहमेंकोईकामथोड़ीहै
बढ़ाजोदर्दतोकाग़ज़पेख़ुदउतरआया
समझकेसोचकेलिक्खाकलामथोड़ीहै
  - Alka Mishra
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy