aankhoñ ke kanwal lab ke chaman-zaar bahut the | आँखों के कँवल लब के चमन-ज़ार बहुत थे

  - Aliuddeen Naved
आँखोंकेकँवललबकेचमन-ज़ारबहुतथे
दीवानेमगरसैरसेबेज़ारबहुतथे
हमलोगकड़ीधूपकेशैदाईथेवर्ना
यूँँसरकोछुपानेदर-ओ-दीवारबहुतथे
हरशख़्सकेचेहरेपेकईचेहरेथेचस्पाँ
तुझजैसेतिरेशहरमेंअय्यारबहुतथे
टूटाहुआपुलरेतकीदीवारहवातेज़
लगताहैकिबस्तीमेंगुनहगारबहुतथे
अल्फ़ाज़अदाकरतीरहींबोलतीआँखें
चुपरहकेभीवोमाइल-ए-गुफ़्तारबहुतथे
आँखोंकेदरीचोंमेंहयाजागरहीथी
सोएथेकुछऐसेकिवोबेदारबहुतथे
वोशख़्सतोहरगामपेदेतारहाधोके
तुमफिरभी'नवेद'उसकेपरस्तारबहुतथे
  - Aliuddeen Naved
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