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Ali Mohammed Shaikh
jitni jal
jitni jal | जितनी जल्दी आँखें अपनी खोलेगा
- Ali Mohammed Shaikh
जितनी
जल्दी
आँखें
अपनी
खोलेगा
सूरज
को
मुट्ठी
पे
अपनी
तोलेगा
- Ali Mohammed Shaikh
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तुम
तो
सर्दी
की
हसीं
धूप
का
चेहरा
हो
जिसे
देखते
रहते
हैं
दीवार
से
जाते
हुए
हम
Nomaan Shauque
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कभी
ज़िन्दगी
से
यूँँ
न
चुराया
करो
नज़र
कि
मौजूद
भी
रहो
तो
न
आया
करो
नज़र
S M Afzal Imam
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वो
आँखें
बुझ
चुकी
होंगी
नज़ारा
हो
चुका
होगा
'अली'
वो
शख़्स
अब
दुनिया
को
प्यारा
हो
चुका
होगा
Ali Zaryoun
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ज़ख़्म
लगे
हैं
कितने
दिल
पर
याद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
शाद
नहीं
हूँ
मैं
तुमको
नाशाद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
उम्र
गए
पे
तेरी
सूरत
और
मिरी
आँखें
टकराईं
उम्र
गए
में
सोची
वो
फ़रियाद
करूँँ
या
तुमको
देखूँ
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Dhiraj Singh 'Tahammul'
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तेरा
लिक्खा
जो
पढ़ूँ
तो
तेरी
आवाज़
सुनूँ
तेरी
आवाज़
सुनूँ
तो
तेरा
चेहरा
देखूँ
Bhaskar Shukla
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कोई
चेहरा
किसी
को
उम्र
भर
अच्छा
नहीं
लगता
हसीं
है
चाँद
भी,
शब
भर
मगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
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भूलभुलैया
था
उन
ज़ुल्फ़ों
में
लेकिन
हमको
उस
में
अपनी
राहें
दिखती
थीं
आपकी
आँखों
को
देखा
तो
इल्म
हुआ
क्यूँँ
अर्जुन
को
केवल
आँखें
दिखती
थीं
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Ashraf Jahangeer
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एक
चेहरा
है
जो
आँखों
में
बसा
रहता
है
इक
तसव्वुर
है
जो
तन्हा
नहीं
होने
देता
Javed Naseemi
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अदाकार
के
कुछ
भी
बस
का
नहीं
है
मोहब्बत
है
ये
कोई
ड्रामा
नहीं
है
जिसे
तेरी
आँखें
बताती
हैं
रस्ता
वो
राही
कहीं
भी
पहुँचता
नहीं
है
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Zubair Ali Tabish
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तमाम
जिस्म
को
आँखें
बना
के
राह
तको
तमाम
खेल
मुहब्बत
में
इंतिज़ार
का
है
Munawwar Rana
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होता
है
दर्द
क़ल्ब
के
नज़दीक
सुना
था
तुम
से
मिले
तो
पुख़्ता
हुआ
ठीक
सुना
था
Ali Mohammed Shaikh
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देर
से
ही
आ
गया
हम
को
दुनिया
का
चलन
झूठ
भी
कहते
नहीं
और
सदाकत
छोड़
दी
Ali Mohammed Shaikh
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चाहत
खरीदना
मेरी
आदत
नहीं
है
और
उसकी
नजर
में
सब
कुछ
पैसा
है
जान
दे
मैं
इस
बहाने
ख़ुद
को
कर
लूंगा
याद
कुछ
अब
उसको
भूल
जाना
ही
अच्छा
है
जान
दे
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Ali Mohammed Shaikh
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बातें
बना
रहा
है
नज़रे
बदल
रहा
है
कुछ
तो
है
यार
की
जो
निय्यत
में
चल
रहा
है
Ali Mohammed Shaikh
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जिए
हर
घड़ी
जो
किसी
के
लिए
हमारी
ग़ज़ल
है
उसी
के
लिए
बटे
होंगे
जब
तक
हमारे
मकाँ
झगड़ते
रहेंगे
गली
के
लिए
दिवाना
समझती
है
दुनिया
उसे
लड़े
जो
अकेले
सभी
के
लिए
ख़ता
कुछ
हमारी
समझ
की
भी
है
धुएँ
को
चुना
रोशनी
के
लिए
सुना
जाएँ
कोई
लतीफा
हमें
है
तरसे
हुए
लब
हँसी
के
लिए
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Ali Mohammed Shaikh
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