ye aansuon ka sailaab | ये आँसुओं का सैलाब

  - Ali khan
येआँसुओंकासैलाब
येराहतकतीलाशें
कितनीबेबसीहै
येकैसीमुफ़लिसीहै
मरनेकेबादभी
मिलरहेहैंकाँधे
हाकिमदेखरहेसब
आँखोंपेपट्टीबांधे
माँकीगोदमें
तोकोईडरपेहैपड़ा
मरनेकेबादभी
मुर्दाशफमेंहैखड़ा
वक़्तबुराहैयाबुरे
होगएहैंहम
हालत-ए-हिन्ददेख
आँखेंहोरहीहैंनाम
इनमुश्किलोंकोकुछ
आसानकरदेयारब
उम्मीदकिसीऔर
काआसराहैअब
कुछहयातकुछहिफ़ाजत
उनकोभीदे
इंसानियतकीनुमाइंदगी
जोकररहेहैंसब
  - Ali khan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy