main tujh pe kar nahin saka nisaar aur charaaghh | मैं तुझ पे कर नहीं सकता निसार और चराग़

  - Ali Shiran
मैंतुझपेकरनहींसकतानिसारऔरचराग़
हवा-ए-लम्सकेझोंकेमारऔरचराग़
उठाकेताक़सेइकरोज़फेंकदेगाकोई
मिरावजूदतिराइंतिज़ारऔरचराग़
सफ़रकोयादरहेगाहमारारख़्त-ए-सफ़र
येसुर्ख़आबलेगर्द-ओ-ग़ुबारऔरचराग़
तोजानलेनाकिफिरइम्तिहान-ए-दोस्तीहै
अगरबुझायागयाएकबारऔरचराग़
तिरीजुदाईमेंइकदूसरेकोतकतेहैं
तमामरातरुख़-ए-अश्क-बारऔरचराग़
वजूद-ए-वक़्तपेतज़ईन-ए-शबकेज़ेवरहैं
हमारीनींदहसींख़्वाब-ज़ारऔरचराग़
क़दीमवक़्तोंसेइकदूसरेकेयारहैंये
कभीबिछड़नहींसकतेमज़ारऔरचराग़
समाँबनातेहैंशबकासफ़ेदचेहरोंपर
सियाहरंगकेगहरेहिसारऔरचराग़
नवेद-ए-सुब्हकेइम्काँमेंचलबसेदोनों
शब-ए-शिकस्तकागिर्या-गुज़ारऔरचराग़
शब-ए-सुकूतमें‘शीरान’महव-ए-रक़्सहैंसब
धुआँअँधेराहवा-ए-ख़ुमारऔरचराग़
  - Ali Shiran
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy