aisa mumkin hi nahin dard men har fard na ho | ऐसा मुमकिन ही नहीं दर्द में हर फ़र्द न हो

  - Ali Shiran
ऐसामुमकिनहीनहींदर्दमेंहरफ़र्दहो
कोईचेहरातोदिखाख़ौफ़सेजोज़र्दहो
तेराशफ़्फ़ाफ़बदनख़ाकनहींपत्थरहै
कैसेमुमकिनहैबदनख़ाककाहोगर्दहो
ऐसाएहसासहैजीनेमेंमरजानेमें
दिलमेंठंडकभीरहेऔरबदनसर्दहो
कोईतावीज़बताजिसकेअसरसेमुर्शिद
ज़ख़्मपरज़ख़्मतोजाएमगरदर्दहो
देखताहूँतोजिगरफटनेकोजाताहै
मेरेमौलाकोईमा'ज़ूरजवाँ-मर्दहो
  - Ali Shiran
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