bashar ki khoo men salaamat ravi nahin shaayad | बशर की ख़ू में सलामत रवी नहीं शायद

  - Ali Minai
बशरकीख़ूमेंसलामतरवीनहींशायद
मिटेयेनस्लतोआसूदाहोज़मींशायद
हूँअपनेज़ह्नकीतारीकियोंमेंसरगर्दां
सुनाहैयेकिख़ुदाहैयहींकहींशायद
मिरेख़यालकेख़ल्वत-कदेहैंदैर-ओ-हरम
मिरेमिज़ाजकेमौसमहैंकुफ़्र-ओ-दींशायद
मैंउसकोदेखूँगालेकिनइकऔरआलममें
मैंउसकोपाऊँगालेकिनअभीनहींशायद
मैंछोड़आयामसाइलकेजिसजहन्नुमको
मिरेनसीबकीजन्नतभीथीवहींशायद
उठीवोआँखतोदिलकासुराग़भीमिला
हिरनसेहारगयायेसुबुकतगींशायद
अदूभीदोस्तभीसबहमपेमेहरबाँथेबहुत
कुछअपनेआपसेबरगश्ताथेहमींशायद
हरएकहाथमेंख़ंजरदिखाईदेताहै
उलटरहीहैज़मानेकीआस्तींशायद
  - Ali Minai
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