vo husn-e-be-misaal kahaan jalva-gar nahin | वो हुस्न-ए-बे-मिसाल कहाँ जल्वा-गर नहीं

  - Ali Fraz Rezvi
वोहुस्न-ए-बे-मिसालकहाँजल्वा-गरनहीं
अपनाक़ुसूरहैहमेंताब-ए-नज़रनहीं
सुनतेहैंचाँदरातकोआयाथाबामतक
फिरइसकेबादक्याहुआकुछभीख़बरनहीं
उसकेसरापाहुस्नकीता'रीफ़क्याकरें
सर-ता-क़दमपरीहैफ़क़तउसकेपरनहीं
बिखरेहुएहैंबालसितारोंकीछाँवमें
सज्देमेंगिरपड़ेंगेसितारेयेदरनहीं
गुज़रीथीरातउसकेक़दमपरपड़ेपड़े
देखीफिरउसकेबादकभीफिरसहरनहीं
उसकी'फ़राज़'एकझलकभीकिसेनसीब
एकतुमकेतुमनेदेखाउसेरातभरनहीं
  - Ali Fraz Rezvi
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