dasht roz-o-shab men dil-e-betaab ko taaza rakhna | दश्त रोज़-ओ-शब में दिल-ए-बेताब को ताज़ा रखना

  - Ali Arman
दश्तरोज़-ओ-शबमेंदिल-ए-बेताबकोताज़ारखना
आँखेंबे-शकझड़जाएँइकख़्वाबकोताज़ारखना
मैंभीअपनीप्यासनहींबुझनेदूँगाऔरतुमभी
अपनेसहराकेहरएकसराबकोताज़ारखना
जज़्बोंकीइसझीलमेंसोचकीकाईजमनेपाए
अपनीतमन्नाकेअक्स-ए-महताबकोताज़ारखना
शाख़हुनरसेतोड़केशे'रकाफूलमैंउसकोदेदूँ
उसकीज़ुल्फ़कोहैमा'लूमगुलाबकोताज़ारखना
इसतारीकउदासऔरबंदगलीमेंरहतेलोग
रास्तेरौशनीऔरख़ुशबूकेख़्वाबकोताज़ारखना
  - Ali Arman
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