door tak phail gaii sab ki zabaan tak pahunchee | दूर तक फैल गई सब की ज़बाँ तक पहुँची

  - Aleena Itrat
दूरतकफैलगईसबकीज़बाँतकपहुँची
बाततबजाकेमिरेवहम-ओ-गुमाँतकपहुँची
प्यासनेमुझकोतोबसमारहीडालाथामगर
कशिश-ए-ज़ीस्तमिरीआब-ए-रवाँतकपहुँची
ख़ाकजबख़ाकसेटकराईतोइकशोरउठा
जानजबजानसेगुज़रीतोअमाँतकपहुँची
धड़कनोमेंतिरीआमदसेवोझंकारहुई
लबखुलेभीनहींऔरबातबयाँतकपहुँची
मेरीआँखोंसेमिरेख़्वाबचुरानेवाला
पूछताहैकिमिरीनींदकहाँतकपहुँची
कोईतोशयथी'अलीना'जोइनआँखोंसेचली
दिलमेंपैवस्तहुईऔररग-ए-जाँतकपहुँची
  - Aleena Itrat
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