main jis ka muntazir hooñ vo manzar pukaar le | मैं जिस का मुंतज़िर हूँ वो मंज़र पुकार ले

  - Aleem Saba Navedi
मैंजिसकामुंतज़िरहूँवोमंज़रपुकारले
शायदनिकलकेजिस्मसेबाहरपुकारले
मैंलेरहाहूँजाएज़ाहरएकलहरका
क्याजानेकबयेमुझकोसमुंदरपुकारले
सदियोंकेदरमियानहूँमैंभीतोइकसदी
इकबारमुझकोअपनासमझकरपुकारले
मैंफिररहाहूँशहरमेंसड़कोंपेग़ालिबन
आवाज़देकेमुझकोमिराघरपुकारले
शीशेकीतरहवक़्तकेहाथोंमेंहूँहनूज़
कबजानेहादसातकापत्थरपुकारले
वोलम्हाजिसकीज़ेहन-ए-'सबा'कोतलाशहै
रोनेकेएहतिमाममेंहँसकरपुकारले
  - Aleem Saba Navedi
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