koi bhi rasm ho kuchh ho bahaana hota thana jaane kya tha ki milnaa milaana hota tha | कोई भी रस्म हो कुछ हो बहाना होता था

  - Alamdar Adam
कोईभीरस्महोकुछहोबहानाहोताथा
जानेक्याथाकिमिलनामिलानाहोताथा
किसीसेमिलतेअगरदिलसेहोकेमिलतेथे
अजीबलोगथेकैसाज़मानाहोताथा
वोलड़-झगड़केभीइकदूसरेपेमरतेथे
येसबतोथाहीमगरआना-जानाहोताथा
कोईभीतोड़नहींअहद-ए-याद-ए-माज़ीका
हज़ारग़मथेमगरमुस्कुरानाहोताथा
येतर्बियतथीघरोंमेंहरएकबेटीको
किसीभीहालमेंहोघरबचानाहोताथा
वरक़वरक़थेकिताबोंकेमो'तबरइतने
हरएकलफ़्ज़कोदिलमेंबसानाहोताथा
अगरथाइश्क़तोइसमेंभीऐसीशिद्दतथी
भँवरमेंऐसेहीबसकूदजानाहोताथा
  - Alamdar Adam
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy