kis lamhe ham teraa dhyaan nahin karte | किस लम्हे हम तेरा ध्यान नहीं करते

  - Alam Khursheed
किसलम्हेहमतेराध्याननहींकरते
हाँकोईअहद-ओ-पैमाननहींकरते
हरदमतेरीमालाजपतेहैंलेकिन
गलियोंकूचोंमेंएलाननहींकरते
अपनीकहानीदिलमेंछुपाकररखतेहैं
दुनियावालोंकोहैराननहींकरते
इककमरेकोबंदरखाहैबरसोंसे
वहाँकिसीकोहममेहमाननहींकरते
इकजैसादुखमिलकरबाँटाकरतेहैं
इकदूजेपरहमएहसाननहींकरते
कुछरस्तेमुश्किलहीअच्छेलगतेहैं
कुछरस्तोंकोहमआसाननहींकरते
रस्तेमेंजोमिलताहैमिललेतेहैं
अच्छेबुरेकीअबपहचाननहींकरते
जीकरताहैभालूबंदरनामरखें
कौनसीवहशतहमइंसाननहींकरते
'आलम'उसकेफूलतोकबकेसूखगए
क्यूँँताज़ाअपनागुल-दाननहींकरते
  - Alam Khursheed
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