hiraasaan hooñ siyaahi men kamii hoti nahin hai | हिरासाँ हूँ सियाही में कमी होती नहीं है

  - Alam Khursheed
हिरासाँहूँसियाहीमेंकमीहोतीनहींहै
चराग़ाँकररहाहूँरौशनीहोतीनहींहै
बहुतचाहाकिआँखेंबंदकरकेमैंभीजीलूँ
मगरमुझसेबसरयूँँज़िंदगीहोतीनहींहै
लहूकाएकइकक़तरापिलाताजारहाहूँ
अगरचेख़ाकमेंपैदानमीहोतीनहींहै
दरीचोंकोखुलारखताहूँमैंहर-वक़्तलेकिन
हवामेंपहलेजैसीताज़गीहोतीनहींहै
मैंरिश्वतकेमसाइलपरनमाज़ेंपढ़पाया
बदीकेसाथमुझसेबंदगीहोतीनहींहै
मैंअपनेअहदकीतस्वीरहर-पलखींचताहूँ
ग़लतहैसोचनायेशाइ'रीहोतीनहींहै
बुराहैदुश्मनीसेआश्नाहोनाभी'आलम'
किसीसेअबहमारीदोस्तीहोतीनहींहै
  - Alam Khursheed
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