hairaan ho raha hooñ baseerat ke naam par | हैरान हो रहा हूँ बसीरत के नाम पर

  - Alam Khursheed
हैरानहोरहाहूँबसीरतकेनामपर
मैंदेखताकुछऔरहूँमंज़रकुछऔरहै
मुझकोसिताराऔरकोईखींचताहैक्यूँँ
मेराइलाक़ाऔरहैमेहवरकुछऔरहै
पत्थरसमझरहाहैज़मानातोक्याकरूँँ
मुट्ठीमेंमेरीजबकिमुनव्वरकुछऔरहै
तासीर-ए-ख़ाकआएगीअल्फ़ाज़मेंमिरे
दिलमेंहैऔरबातलबोंपरकुछऔरहै
'आलम'मुझेभरोसानहींज़ाइचोंपेअब
इसमेंलिखाथाऔरमुयस्सरकुछऔरहै
  - Alam Khursheed
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